
बिलासपुर। भारतीय रेल की स्वदेशी अत्याधुनिक ट्रेन सुरक्षा प्रणाली कवच के अंतर्गत दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के नागपुर रेल मण्डल के अंतर्गत कलमना-सालवा रेलखंड में सायं 15 बजे से 17.30 बजे तक एसआईएल-4 स्तर का कवच ट्रायल ब्रेकिंग मोड ऑन में सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस परीक्षण के दौरान कवच प्रणाली की विभिन्न सुरक्षा सुविधाओं का परीक्षण किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। परीक्षण के दौरान सिग्नल आस्पेक्ट की पहचान, स्वचालित ब्रेकिंग, स्वचालित गति नियंत्रण तथा आपातकालीन एसओएस प्रणाली का परीक्षण किया गया और सभी परीक्षण संतोषजनक पाए गए। सामान्य परिस्थितियों में लाल सिग्नल मिलने पर लोको पायलट स्वयं ब्रेक लगाता है। यदि किसी कारणवश लोको पायलट समय पर ब्रेक लगाने में असमर्थ रहता है, तो कवच प्रणाली स्वत: सिग्नल की स्थिति का पता लगाकर स्वचालित रूप से ब्रेक लगा देती है, जिससे ट्रेन सुरक्षित रूप से रुक जाती है और सिग्नल पास्ड एट डेंजर जैसी घटनाओं की संभावना को प्रभावी रूप से रोका जा सकता है। स्वचालित गति नियंत्रण परीक्षण के दौरान यह परखा गया कि रेलखंडों एवं यार्डों में निर्धारित गति प्रतिबंध का पालन हो। यदि लोको पायलट निर्धारित सीमा के अनुरूप गति नियंत्रित नहीं कर पाता, तो कवच प्रणाली स्वत: हस्तक्षेप कर ट्रेन की गति को निर्धारित सीमा के भीतर ले आती है, जिससे संरक्षित रेल संचालन होता है। आपातकालीन एसओएस सुविधा का परीक्षण स्टेशन तथा लोको दोनों स्तरों से किया गया। यदि लोको पायलट रेलखंड में किसी असामान्य या आपात स्थिति को देखता है, तो वह तत्काल एसओएस अलर्ट जारी कर सकता है। यह अलर्ट निकटवर्ती स्टेशनों एवं आसपास संचालित लोकोमोटिवों तक तुरंत पहुंच जाता है, जिसके बाद आवश्यकता पडऩे पर संबंधित ट्रेनों में स्वचालित ब्रेकिंग की प्रक्रिया प्रारंभ हो जाती है। इसी प्रकार यदि स्टेशन मास्टर किसी आपात स्थिति का पता लगाता है, तो वह भी एसओएस (आपातकालीन अलर्ट) जारी कर सकता है। यह सुविधा आपातकालीन परिस्थितियों में संभावित दुर्घटनाओं की रोकथाम तथा संरक्षित रेल संचालन सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।