
बिलासपुर। भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने पूर्व विधायक शैलेष पांडे के बयान पर तीखा पलटवार किया। बिना नाम लिए उन्होंने कहा कि केवल 392 सवाल पूछने से विकास नहीं होता। उन्होंने कहा कि अगर सिर्फ प्रश्न पूछने से विकास होता, तो जनता उन्हें रिकॉर्ड मतों से पराजित नहीं करती। जनता को भाषण नहीं, बल्कि परिणाम चाहिए। कुछ दिन पहले ही पूर्व विधायक शैलेष पांडे ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधानसभा में पूछे गए सवालों की संख्या को लेकर भाजपा विधायकों और अपनी तुलना करते हुए नगर विधायक पर निशाना साधा था। इसका जवाब देने के लिए अमर अग्रवाल ने एक खेल प्रतियोगिता के दौरान आयोजित संवाद कार्यक्रम को मंच बनाया। अमर अग्रवाल ने विधानसभा की भूमिका, जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और विकास की राजनीति पर बात करते हुए कहा, शेर की नाक का बाल और गधे की पूंछ के बाल में फर्क होता है। जनता अब यह फर्क अच्छी तरह समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सवाल पूछने को ही राजनीति का पैमाना मानते हैं। उन्होंने कहा कि उन्हें प्रश्न पूछने की फुर्सत कम मिली, क्योंकि वे बिलासपुर के विकास कार्यों में व्यस्त रहे। उनका काम सदन में शोर मचाना नहीं, बल्कि योजनाओं को मंजूरी दिलाना और उन्हें जमीन पर उतारना रहा है। अमर अग्रवाल ने कहा कि विधानसभा को केवल सवाल पूछने का मंच मान लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था की अधूरी समझ है। उनके मुताबिक, विधानसभा का सबसे बड़ा काम कानून बनाना, बजट पारित करना, नीतियां तय करना और प्रदेश के विकास की दिशा तय करना है। सवाल पूछना जरूरी है, लेकिन उसका उद्देश्य सुर्खियां बटोरना नहीं, बल्कि जनता की समस्याओं का समाधान होना चाहिए। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने कहा, मैं किसी व्यक्ति विशेष को जवाब देने के लिए राजनीति नहीं करता। मेरी जवाबदेही केवल बिलासपुर की जनता के प्रति है। अंतिम सांस तक इस शहर की सेवा करना ही मेरा संकल्प है। कौन क्या कहता है, इससे फर्क नहीं पड़ता। अमर अग्रवाल ने दावा किया कि इस कार्यकाल में बजट पेश होने से पहले ही बिलासपुर को करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाएं मिली हैं। उन्होंने कहा कि शहर की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए लगभग 300 करोड़ रुपये की सडक़ परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। उनका मानना है कि काम खुद बोलता है, उसका प्रचार करने की जरूरत नहीं होती।