
बिलासपुर। जिले में मलेरिया के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर है। जिला चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शुभा गरेवाल ने बताया कि अब तक जिले में 37 मलेरिया मरीजों की पुष्टि हुई है। इनमें से अधिकांश मरीज उपचार के बाद पूरी तरह स्वस्थ हो चुके हैं, जबकि वर्तमान में 16 मरीजों का इलाज जारी है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से घबराने के बजाय सतर्क रहने और बुखार आने पर तत्काल जांच कराने की अपील की है। सीएमएचओ ने बताया कि उपचाराधीन मरीजों में 6 मरीज सिम्स अस्पताल में भर्ती हैं, जबकि एक मरीज का इलाज गनियारी अस्पताल में चल रहा है। अन्य मरीजों का उपचार चिकित्सकीय निगरानी में उनके घरों पर किया जा रहा है। सभी मरीजों की नियमित मॉनिटरिंग की जा रही है तथा उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। मलेरिया संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग ने विशेष अभियान शुरू किया है। विभाग की टीमें कोटा ब्लॉक सहित जिले के विभिन्न गांवों में लगातार सक्रिय हैं। स्वास्थ्य कर्मी घर-घर पहुंचकर सर्वे कर रहे हैं तथा आरडी किट और स्लाइड जांच के माध्यम से बुखार से पीड़ित लोगों की तत्काल जांच की जा रही है, ताकि संक्रमण की समय रहते पहचान कर उपचार शुरू किया जा सके। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मलेरिया की रोकथाम के लिए निगरानी, सर्वे और जांच अभियान लगातार जारी रहेगा। लोगों से अपील की गई है कि वे अपने घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, मच्छरों से बचाव के उपाय अपनाएं तथा बुखार या मलेरिया जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना देरी किए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। सीएमएचओ डॉ. शुभा गरेवाल ने कहा कि सक्रिय निगरानी, समय पर जांच और त्वरित उपचार के चलते जिले में मलेरिया की स्थिति नियंत्रण में है। यदि नागरिक भी सावधानी बरतें और समय पर जांच कराएं तो संक्रमण को और प्रभावी ढंग से रोका जा सकता है।