
बिलासपुर। बिलासपुर-रतनपुर एनएच के गतौरी के पास बैठे बेसहारा गायों के ऊपर ड्राइवर ने ट्रेलर चढ़ा दिया। जिससे 9 गायों की घटना स्थल पर ही मौत हो गई। बुधवार सुबह ग्रामीणों और राहगीरों ने सडक़ पर लहूलुहान पड़े मवेशियों को देखा और इसकी सूचना पुलिस व गोसेवकों को दी। कोनी पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोसेवकों की मदद से घायल गायों का रेस्क्यू कर छतौना स्थित गौरी गोपाल गोसेवा धाम भेजा गया। जहां घायल गायों का उपचार चल रहा है। मृत मवेशियों का गौसेवकों ने अंतिम संस्कार किया। इस घटना के बाद गाोसेवकों में भारी आक्रोश है। दूसरी ओर कोनी पुलिस टीम आरोपी ट्रेलर चालक की तलाश कर रही है। इससे पहले भी 4 अगस्त को हुए हादसा हुआ था। जिसमें गायों की मौत हुई थी। इसके बाद सामाजिक संगठनों और गोसेवकों ने नेशनल और स्टेट हाईवे पर गो सुरक्षा फेंसिंग लगाने की मांग उठाई थी। गोसेवकों का कहना है कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो ऐसे हादसे आगे भी होते रहेंगे। साथ ही दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में गति सीमा निर्धारित करने, प्रत्येक जिले में गौ एम्बुलेंस की व्यवस्था करने और आवारा मवेशियों के लिए पर्याप्त शेड व चारे की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की। 1 साल में मवेशियों के कुचले जाने की यह चौथी बड़ी घटना है। इससे पहले जुलाई 2025 में मस्तूरी-रायपुर नेशनल हाईवे पर अज्ञात वाहन ने 23 गायों को कुचल दिया था, इनमें से 18 गायों की मौत हुई थी। इस घटना से पहले बिलासपुर-रायपुर हाईवे पर ट्रक ने 15 गायों के ऊपर गाड़ी चढ़ा दी थी, हादसे में सभी गायों की मौत हो गई थी। सितंबर 2025 में रतनपुर रोड पर तेज रफ्तार ट्रक ने गायों के झुंड को रौंद दिया था। इसमें एक गर्भवती गाय समेत 8 गायों की जान चली गई। गर्भवती गाय का पेट फट गया था, जिससे बछड़ा बाहर आ गया था। इन सभी बड़ी घटनाओं पर हाईकोर्ट सख्ती दिखा चुका है। इसके अलावा भी प्रदेश में कई हादसे आए दिन होते रहते हैं।