
बिलासपुर। सोने की शुद्धता, ग्राहकों के हित और सराफा कारोबारियों के अधिकारों को लेकर छत्तीसगढ़ सराफा एसोसिएशन ने गुरुवार को प्रदेशभर में ज्ञापन अभियान चलाया। इसके तहत बिलासपुर में आधे दिन सराफा बाजार बंद रहा। व्यापारियों ने सदर बाजार से कलेक्ट्रेट तक पदयात्रा निकालकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। यह अभियान बिलासपुर के एक ज्वेलरी शोरूम में 14 अगस्त को सामने आए मामले के बाद किया गया। यहां हॉलमार्क वाले 22 कैरेट सोने के आभूषण की जांच में पहली रिपोर्ट में 20 कैरेट शुद्धता बताई गई थी। दोबारा जांच करने पर इसकी शुद्धता 916 यानी 22 कैरेट मिली। एसोसिएशन ने इसे सोने की जांच व्यवस्था और ग्राहकों के भरोसे से जुड़ा गंभीर मामला बताया है। एसोसिएशन ने सोने की जांच के लिए स्वतंत्र टेस्टिंग व्यवस्था बनाने की मांग की है। इसके साथ ही एचयूआईडी, हॉलमार्क और गोल्ड टेस्टिंग मशीनों की नियमित जांच और कैलिब्रेशन कराने की मांग रखी गई है। एसोसिएशन ने सोने के भाव में पारदर्शिता रखने और ग्राहकों को भ्रमित करने वाले विज्ञापनों पर रोक लगाने की मांग भी की है। सभी ज्वेलरी दुकानों के लिए एक समान बिलिंग नियम लागू करने की बात कही गई है। एसोसिएशन ने पारंपरिक सोना कारीगरों के संरक्षण और उनके रोजगार को सुरक्षित रखने की मांग की है। इसके अलावा स्वर्णकार कल्याण बोर्ड बनाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल किया गया है। ताकि कारीगरों को फायदा मिल सके। सराफा एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष कमल सोनी ने कहा कि यह अभियान किसी ब्रांड या व्यक्ति के विरोध में नहीं है। इसका उद्देश्य ग्राहकों के हितों की रक्षा, कारोबार में निष्पक्षता और स्थानीय सराफा व्यापारियों व पारंपरिक कारीगरों की आजीविका को सुरक्षित करना है।