
बिलासपुर। जिस प्रकार एक व्यक्ति द्वारा कही गई रामचरितमानस की कथा आगे बढ़ते-बढ़ते सम्पूर्ण विश्व में प्रसिद्ध हुई। उसी प्रकार वंदे मातरम मित्र मंडल की यात्रा मात्र 12 प्रबुद्धजनों से प्रारंभ होकर आज 5000 से अधिक लोगों तक पहुंच चुकी है। उन्होंने केसरिया परिधान में सनातन विचारधारा और सामाजिक जागरण के संदेश की सराहना की। यह बातें उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार अशोक पंडा ने कही। वंदे मातरम मित्र मंडल ने स्थापना के पांचवें वर्ष के कार्यक्रमों की श्रृंखला में अपनी 263वीं बैठक की गई। इस अवसर पर युवा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का विषय लव जिहाद , समस्या और समाधान निर्धारित किया गया था। चंद्रभूषण वाजपेयी ने महेंद्र जैन को राज्य ऋषि की उपाधि से संबोधित करते हुए कहा कि उनके द्वारा अल्प समय में खड़ा किया गया विशाल संगठन और पिछले पांच वर्षों से निरंतर चल रहे कार्य अतुलनीय हैं। उन्होंने परिवार में संवाद और समूह परिचर्चा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि युवाओं के साथ नियमित विचारों का आदान-प्रदान उनके व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रतियोगिता के लिए लगभग 100 प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्रारंभिक चयन प्रक्रिया के बाद 15 से 18 वर्ष के कनिष्ठ वर्ग व 18 से 25 वर्ष के वरिष्ठ वर्ग से 10-10 प्रतिभागियों का चयन किया गया। 18 से 25 वर्ष वर्ग (वरिष्ठ) निधि दुबे (गुरु घासीदास विश्वविद्यालय), पीयूष तिवारी (गुरु घासीदास विश्वविद्यालय), निक्की द्विवेदी (जेपी वर्मा महाविद्यालय), राशि मिश्रा (गुरु घासीदास विश्वविद्यालय), चरण कमल सोनवानी (गुरु घासीदास विश्वविद्यालय), विमर्श तिवारी (मुंबई यूनिवर्सिटी), अंबुज द्विवेदी (जेपी वर्मा महाविद्यालय), आरजू गुप्ता (इग्नू), आशुतोष तिवारी (एलसीआईटी), और सूर्यकांत शर्मा (सीएमडी महाविद्यालय)। 15 से 18 वर्ष वर्ग (कनिष्ठ) में अंजलि पोरते (जीडीसी), संस्कार द्विवेदी (आत्मानंद), कनक सूर्यवंशी (शासकीय स्कूल गनियारी), केशव देवांगन (महर्षि विद्यालय), माही जीवनानी (गुरु घासीदास विश्वविद्यालय), श्रद्धा सोनी (सेंट जोसेफ स्कूल), मोहनलाल साहू (आत्मानंद कोटा), ओम गुप्ता (डीपीएस बिलासपुर), शिखा गुप्ता (मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल), और भव्य शर्मा (डीपीएस) शामिल हुए। 18 से 25 वर्ष वर्ग में प्रथम आशुतोष तिवारी(एल सी आई टी), द्वितीय राशि मिश्रा (गुरु घासीदास विश्व विद्यालय) तृतीय निधि दुबे (गुरु घासीदास विश्व विद्यालय) 15 से 18 वर्ष वर्ग प्रथम भव्य शर्मा(डी पी एस), द्वितीय श्रद्धा सोनी(सेंट जोसेफ), तृतीय ओम गुप्ता(डी पी एस),चंद्रभूषण वाजपेयी (सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय न्यायाधीश), अशोक पंडा (सेवानिवृत्त रजिस्ट्रार, उच्च न्यायालय बिलासपुर), ज्योति रानी सिंह (पूर्व प्राचार्य एवं शिक्षाविद), प्रो. मुकेश कुमार सिंह (विभागाध्यक्ष, गुरु घासीदास विश्वविद्यालय), विजय द्विवेदी (संचालक, अर्जुना क्लासेस एवं संयोजक, प्रबुद्ध संघ), रीता भारती (अधीक्षिका आदर्श स्नातकोत्तर अनुसूचित जाति कन्या छात्रावास)