
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ प्रौद्योगिकी संस्थान (सीजीआईटी) बिलासपुर में प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित बीटेक विद्यार्थियों के लिए आयोजित द्विसप्ताहिक इंडक्शन कार्यक्रम का समापन हुआ। अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई), नई दिल्ली के निर्देशानुसार 11 से 22 अगस्त तक आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ व्यक्तित्व विकास, करियर और लक्ष्य निर्धारण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई। समापन दिवस के प्रथम सत्र में प्रथम वर्ष के शिक्षकों ने विद्यार्थियों को आधारभूत विज्ञान एवं गणित की कक्षाएं कराईं। इसके साथ ही इंजीनियरिंग के विभिन्न संकायों से जुड़ी मूलभूत जानकारियां भी दी गईं, ताकि विद्यार्थी बीटेक प्रथम वर्ष के पाठ्यक्रम को बेहतर ढंग से समझ सकें। दूसरे सत्र में सतत विकास और लक्ष्य निर्धारण जैसे विषयों पर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया गया। प्रो. बी.एम. प्रसाद ने विद्यार्थियों से इंडक्शन कार्यक्रम को लेकर फीडबैक लिया। विद्यार्थियों ने कार्यक्रम के दौरान मिले अनुभवों और सीख को साझा करते हुए कहा कि इंडक्शन कार्यक्रम उनके लिए कॉलेज परिसर और विभिन्न गतिविधियों को समझने का माध्यम बना। विशेषज्ञों और प्रेरक वक्ताओं से संवाद का अवसर मिलने से उनमें सकारात्मक ऊर्जा का संचार हुआ और वे अपने लक्ष्य के प्रति अधिक प्रेरित हुए। कार्यक्रम के अंतिम सत्र में समापन एवं आशीर्वाद समारोह आयोजित किया गया। इसमें संस्थान के पूर्व छात्रों ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों से संवाद कर उच्च शिक्षा और करियर निर्माण को लेकर मार्गदर्शन दिया। पूर्व छात्रों ने अपने छात्र जीवन और कार्यक्षेत्र से जुड़े अनुभव साझा करते हुए विद्यार्थियों को निरंतर सीखने, अनुशासन, मेहनत और लक्ष्य के प्रति प्रतिबद्ध रहने की सलाह दी। समारोह के मुख्य अतिथि 1979 इलेक्ट्रिकल बैच के श्री आर.के. अवस्थी, कार्यपालक निदेशक रहे। विशिष्ट अतिथियों में 1982 सिविल बैच के श्री सुधीर गुप्ता, मुख्य अभियंता (सेवानिवृत्त), नगर निगम बिलासपुर; 1997 मैकेनिकल बैच के डॉ. तजविंदर पल सिंह अरोरा, चार्टर्ड इंजीनियर एवं स्वतंत्र निदेशक; 1981 मैकेनिकल बैच के डॉ. बी.एस. चावला, पूर्व प्राचार्य जीईसी बिलासपुर; 1980 सिविल बैच के इंजी. आर.के. शिवहरे, मुख्य अभियंता जल संसाधन विभाग; 1992 सिविल बैच के इंजी. संत कुमार नेताम, सदस्य सीजीपीएससी; 1992 सिविल बैच के इंजी. गोपाल सिंह ठाकुर, कार्यपालक अभियंता नगर निगम तथा सुश्री डिंपी बैस, उप वन मंडल अधिकारी एवं उद्यमी शामिल रहीं। अतिथियों ने विद्यार्थियों को करियर में सफलता के लिए कठिन परिश्रम, अनुशासन और निरंतर सीखने को आवश्यक बताया। उन्होंने अपने अनुभवों के माध्यम से विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम संस्थान के प्राचार्य डॉ. एस.के. सिंघई के मार्गदर्शन में डॉ. अवनीश उपाध्याय, प्रो. आर.के. डहरिया एवं प्रथम वर्ष के प्राध्यापकों के समन्वय से संपन्न हुआ। आयोजन में संस्थान के सभी विभागाध्यक्षों, प्राध्यापकों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सहयोग रहा। कार्यक्रम में प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।