बिलासपुर। घर की छत पर लगा सोलर संयंत्र अब परिवारों के लिए बचत और अतिरिक्त आमदनी का माध्यम बन रहा है। पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना से उपभोक्ताओं को बिजली बिल से राहत मिलने के साथ अतिरिक्त बिजली से आय भी हो रही है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत लखीराम अग्रवाल स्मृति ऑडिटोरियम में आयोजित योजना के जागरूकता कार्यक्रम में मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने लोगों से सौर ऊर्जा अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना आज की जरूरत और भविष्य के लिए लाभकारी निवेश है। नागरिक इसका लाभ लेकर ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनें। उन्होंने ने सभी को नवरात्रि की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऊर्जा ने जीवन को गति दी है। घरों से लेकर उद्योगों तक बिजली का उपयोग और मांग लगातार बढ़ रही है। दैनिक जीवन में बिजली इतनी आवश्यक हो गई है कि एक घंटे की बाधा भी परेशानी का कारण बन जाती है। ऐसे में सूर्य की ऊर्जा ने बिजली उत्पादन के क्षेत्र में नई संभावनाओं के द्वार खोले हैं। श्री साव ने कहा कि नई तकनीक अपनाने में शुरुआत में कुछ आशंकाएं होती हैं, लेकिन समय के साथ आगे बढऩे के लिए तकनीक से जुडऩा आवश्यक है। सोलर संयंत्र से अपनी जरूरत की बिजली तैयार करने के साथ अतिरिक्त बिजली बेचकर आमदनी भी प्राप्त की जा सकती है। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर श्रीमती पूजा विधानी और सहकारी बैंक अध्यक्ष रजनीश सिंह, नगर निगम आयुक्त प्रकाश कुमार सर्वे, विशेष रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर बड़ी संख्या में उपभोक्ता, लाभान्वित हितग्राही, वेंडर्स और बैंक अधिकारी उपस्थित थे। क्रेडा अध्यक्ष भूपेंद्र सवन्नी ने कहा कि पीएम सूर्यघर योजना विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने वाली महत्वपूर्ण पहल है। इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य जरूरतों के कारण बढ़ती बिजली की मांग पूरी करने में सौर ऊर्जा की बड़ी भूमिका होगी। उन्होंने उद्योगों में भी सौर ऊर्जा का उपयोग बढ़ाने पर जोर दिया। कार्यक्रम में लाभान्वित उपभोक्ता जयंत सरकार ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि सितंबर 2025 में उन्होंने योजना का लाभ लिया। सोलर संयंत्र लगाने की प्रक्रिया आसानी से और बिना परेशानी पूरी हुई। उन्होंने कहा, सोलर लगने के बाद मेरा बिजली बिल शून्य हो गया है। साथ ही अब तक ढाई हजार रुपए की कमाई भी हुई है। उनका अनुभव उपस्थित लोगों के लिए योजना के व्यावहारिक लाभों को समझने का माध्यम बना। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि जिले के 10 गांवों को शत-प्रतिशत सोलर ऊर्जा से जोडऩे का लक्ष्य रखा गया है। शहर का पॉम एन्क्लेव पूरी तरह सोलर से जुड़ चुका है, जो अन्य आवासीय क्षेत्रों के लिए प्रेरक उदाहरण है। सीएसईबी के कार्यपालन निदेशक एके अंबष्ट ने स्वागत उद्बोधन में कहा कि योजना परिवारों के घरेलू बजट का बोझ कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा उपलब्ध करा रही है। अधीक्षण अभियंता सुरेश जांगड़े ने बताया कि जिले में 46 हजार सोलर संयंत्र लगाने के लक्ष्य के विरुद्ध लगभग 13 हजार आवेदन प्राप्त हुए हैं और साढ़े सात हजार संयंत्र स्थापित हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि एक किलोवॉट क्षमता पर 45 हजार रुपए, दो किलोवॉट पर 90 हजार रुपए तथा तीन किलोवॉट पर एक लाख आठ हजार रुपए तक की सब्सिडी दी जाती है। इस सहायता से उपभोक्ताओं के लिए सोलर संयंत्र लगाना अधिक सुलभ हुआ है।