
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ में 15 नवंबर से समर्थन मूल्य पर धान खरीदी प्रारंभ होने जा रही है, लेकिन प्रदेश के अनेक किसान अब तक धान खरीदी के लिए पंजीयन, गिरदावरी व अन्य तकनीकी समस्याओं से जूझ रहे हैं। किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए सरकारी प्रक्रियाओं के कारण परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इन्हीं समस्याओं को लेकर आम आदमी पार्टी, बिलासपुर छत्तीसगढ़ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश की कृषि मंत्री को कलेक्टर, जिला बिलासपुर के माध्यम से ज्ञापन सौंपकर किसानों की समस्याओं के तत्काल निराकरण की मांग की है। आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष व अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों की समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही है। धान खरीदी शुरू होने से पहले किसानों की समस्याओं का समाधान होना चाहिए, ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। आप का ये है प्रमुख मांग जिसमें धान का समर्थन मूल्य 3,358 रुपये प्रति क्विंटल किया जाए। राजीव गांधी किसान न्याय योजना की बकाया राशि का भुगतान किया जाए। पटवारी हड़ताल के दौरान हुए रकबा संशोधन एवं संवेदनशीलता से जुड़े मामलों का निराकरण किया जाए। धान खरीदी में बायोमेट्रिक अनिवार्यता तत्काल समाप्त की जाए। आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि राज्य सरकार ने पटवारियों और किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं किया तथा 3,358 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य एवं 150 रुपये प्रति क्विंटल की बकाया राशि का भुगतान नहीं किया, तो पार्टी किसानों के समर्थन में पूरे प्रदेश में आंदोलन एवं धरना-प्रदर्शन करेगी।
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