आरपीएफ का नन्हें फरिश्ते अभियान बना उम्मीद की किरण, 211 बिछड़े बच्चों की सकुशल घर वापसी


बिलासपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेलवे सुरक्षा बल सुरक्षा के साथ-साथ सामाजिक जिम्मेदारियों का भी प्रभावी ढंग से निर्वहन कर रहा है। यात्रियों की सहायता, महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा तथा संकट में फंसे लोगों को तत्काल मदद पहुंचाने के लिए आरपीएफ द्वारा चलाए जा रहे मानवीय अभियानों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। आरपीएफ के ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत वर्ष 2026 में 1 जनवरी से 21 जुलाई तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के क्षेत्राधिकार में घर से भागे अथवा परिजनों से बिछड़े 211 नाबालिग बच्चों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया। इनमें 139 बालक और 72 बालिकाएं शामिल हैं। बच्चों को विभिन्न रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों से सुरक्षित बरामद कर आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उनके परिजनों, बाल कल्याण समिति या अधिकृत गैर-सरकारी संस्थाओं को सौंपा गया। इसी तरह ऑपरेशन अमानत के तहत आरपीएफ ने यात्रियों की छूटी हुई कीमती वस्तुओं को बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाया। 1 जनवरी से 21 जुलाई 2026 तक ट्रेनों और रेलवे परिसरों में छूटे 654 कीमती सामान बरामद किए गए, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 1 करोड़ 58 लाख 1 हजार 814 रुपये है। इनमें बैग, मोबाइल फोन, लैपटॉप, पर्स सहित अन्य मूल्यवान वस्तुएं शामिल हैं। आरपीएफ की इस पहल से यात्रियों को उनकी खोई हुई अमानत वापस मिली और रेलवे सुरक्षा बल की ईमानदारी, तत्परता और सेवा भावना के प्रति यात्रियों का भरोसा और मजबूत हुआ।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *