कोटा क्षेत्र में मलेरिया का कहर, 3 बच्चे संक्रमित

बिलासपुर। कोटा विकासखंड के जंगल क्षेत्र में एक बार फिर मलेरिया ने दस्तक दी है। ग्राम औरापानी में एक ही परिवार के तीन बच्चों के मलेरिया संक्रमित मिलने से स्वास्थ्य विभाग में हडक़ंप मच गया है। वहीं मजगांव में भी एक व्यक्ति के संक्रमित होने की पुष्टि हुई है। सभी संक्रमितों को बेहतर उपचार के लिए सिम्स बिलासपुर रेफर किया गया है। सीएमएचओ शुभा गढ़ेवाल से मिली जानकारी के अनुसार औरापानी के जंगल क्षेत्र में रहने वाले एक ही परिवार के 10 से 14 वर्ष की उम्र के तीन बच्चे मलेरिया की चपेट में आए हैं। जांच में तीनों में प्लाज्मोडियम फाल्सीपेरम (पीएफ) मलेरिया की पुष्टि हुई है। इसके अलावा मजगांव में भी एक मरीज के संक्रमित मिलने के बाद उसे उपचार के लिए सिम्स भेजा गया है। मलेरिया संक्रमण की जानकारी मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम प्रभावित गांवों में पहुंची। औरापानी और मजगांव में घर-घर जाकर ग्रामीणों की जांच शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य विभाग की टीम द्वारा ग्रामीणों में मलेरिया के लक्षणों की जांच के साथ आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। मलेरिया प्रभावित क्षेत्रों का कलेक्टर संजय अग्रवाल और सीएमएचओ डॉ. शुभा गढ़ेवाल ने निरीक्षण किया। कलेक्टर ने उप स्वास्थ्य केंद्र मजगांव पहुंचकर संक्रमित बच्चों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और अधिकारियों को प्रभावित क्षेत्रों में सघन सर्वे, समय पर जांच और गुणवत्तापूर्ण उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने मजगांव और औरापानी के स्कूलों तथा आंगनबाड़ी केंद्रों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिए कि यदि कोई बच्चा लगातार स्कूल या आंगनबाड़ी से अनुपस्थित है तो उसके घर जाकर कारण पता किया जाए और जरूरत पडऩे पर स्वास्थ्य विभाग को तत्काल सूचना दी जाए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने अति कुपोषित बच्चों की स्थिति की भी समीक्षा की। एक अति कुपोषित बच्चे के घर पहुंचकर उन्होंने परिजनों से चर्चा की और बेहतर इलाज एवं पोषण प्रबंधन के लिए बच्चे को पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) रतनपुर ले जाने के लिए प्रेरित किया। साथ ही बच्चों और गर्भवती महिलाओं को पौष्टिक एवं संतुलित आहार देने पर जोर दिया गया। बताया जा रहा है कि कोटा क्षेत्र के 72 गांव पहले से मलेरिया प्रभावित हैं। ऐसे में बारिश के मौसम में संक्रमण का खतरा और बढ़ गया है। प्रशासन ने ग्रामीणों से मलेरिया के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल जांच कराने और स्वास्थ्य विभाग को सूचना देने की अपील की है।

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