
बिलासपुर । दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने माल परिवहन के क्षेत्र में एक और बड़ी उपलब्धि दर्ज की है। रेलवे ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में 18 अगस्त 2026 तक 100 मिलियन टन से अधिक माल लदान कर लिया है। यह लक्ष्य पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में चार दिन पहले हासिल किया गया है। वर्ष 2025-26 में 100 मिलियन टन का आंकड़ा 22 अगस्त को पार हुआ था। 18 अगस्त तक दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने कुल 100.125 मिलियन टन माल का प्रारंभिक लदान किया, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 97.673 मिलियन टन था। इस तरह माल लदान में 2.452 मिलियन टन यानी 2.51 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है। माल परिवहन में बढ़ोतरी के साथ रेलवे के राजस्व में भी इजाफा हुआ है। इस अवधि में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे ने 12,023.6 करोड़ रुपये का प्रारंभिक माल भाड़ा राजस्व अर्जित किया, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 11,824.2 करोड़ रुपये की तुलना में 199.4 करोड़ रुपये अधिक है। राजस्व में 1.69 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। वहीं इस अवधि में कुल 26,535 रेक लोड किए गए, जो पिछले साल की तुलना में 2.59 प्रतिशत अधिक हैं। रेलवे के माध्यम से कोयला, लौह अयस्क, इस्पात, सीमेंट समेत कई महत्वपूर्ण संसाधनों की देश के विभिन्न हिस्सों में आपूर्ति की जाती है। बड़े पैमाने पर माल परिवहन के जरिए रेलवे देश की ऊर्जा जरूरतों, औद्योगिक गतिविधियों और आधारभूत संरचना के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। माल लदान के साथ यात्री सुविधाओं के विस्तार पर भी रेलवे का विशेष फोकस है। यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए अप्रैल से जुलाई 2026 के बीच 48 स्पेशल ट्रेनों के 140 फेरे संचालित किए गए। गर्मी की छुट्टियों के दौरान समर स्पेशल, रथ यात्रा के अवसर पर रथ यात्रा स्पेशल और वर्तमान में श्रावण मास के दौरान श्रावणी स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे क्षेत्र में रेल परिवहन क्षमता बढ़ाने के लिए दोहरीकरण, तीसरी और चौथी रेल लाइन, यार्ड रिमॉडलिंग, आधुनिक सिग्नलिंग तथा अन्य अधोसंरचना संबंधी कार्य किए जा रहे हैं। इन परियोजनाओं से माल और यात्री ट्रेनों के संचालन में गति और दक्षता बढ़ाने में मदद मिल रही है। समय से पहले 100 मिलियन टन माल लदान का आंकड़ा पार करना रेलवे की बेहतर परिचालन व्यवस्था और बढ़ती परिवहन क्षमता को दर्शाता है। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे माल एवं यात्री सेवाओं के विस्तार के साथ देश की आर्थिक और विकासात्मक गतिविधियों को गति देने में अपनी भूमिका लगातार मजबूत कर रहा है।