
बिलासपुर। रतनपुर-केंदा-केंवची एनएच -45 में घटिया निर्माण के विरोध में कांग्रेस विधायक अटल श्रीवास्तव और उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए गड्ढों और दलदल से भरी सडक़ पर धान की रोपाई कर विरोध जताया। इस दौरान करीब 2 घंटे तक धरना दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने सडक़ निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की।
बिलासपुर-रतनपुर से पेंड्रा-केंवची तक करीब 510 करोड़ रुपए की लागत से 97 किलोमीटर सडक़ का निर्माण किया जा रहा है। लगातार बारिश के बाद सडक़ की स्थिति और खराब हो गई है। कई जगह नई बनी सडक़ उखड़ गई है। वहीं जहां सडक़ बन चुकी है, वहां घटिया निर्माण के कारण दरारें पड़ गई हैं। इन दरारों को ठेकेदार ने मुरूम डालकर ढंक दिया है। 2 अगस्त को इसी नेशनल हाईवे पर बना 35 साल पुराना पुल दो हिस्सों में टूट गया था। इसके बाद कई रूट डायवर्ट किए गए हैं। निर्माणाधीन हिस्सों में बनाए गए डायवर्सन रास्ते अब कीचड़ और दलदल में बदल गए हैं। इससे बिलासपुर-पेंड्रा के बीच आने-जाने वाले लोगों को काफी परेशानी हो रही है।
सडक़ की खराब हालत के कारण 2-3 किलोमीटर तक वाहनों की लंबी कतार लग रही है। बिलासपुर से पेंड्रा तक 3 घंटे का सफर अब 6 से 8 घंटे में पूरा हो रहा है। रोजाना इस रास्ते से गुजरने वाले लोग परेशान हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सडक़ पर धान की रोपाई कर अनोखे तरीके से विरोध जताया और करीब दो घंटे तक धरना दिया। सडक़ निर्माण की उच्चस्तरीय जांच कराने, जिम्मेदार ठेकेदार और अधिकारियों पर कार्रवाई करने और अधूरे निर्माण को जल्द पूरा कराने की मांग की। विधायक ने आरोप लगाया कि सडक़ पर बड़े-बड़े गड्ढे और कीचड़ के कारण वाहन फंस रहे हैं। इससे यात्रियों को परेशानी हो रही है और हादसों का खतरा भी बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि ठेकेदार और संबंधित अधिकारियों की लापरवाही के कारण घटिया निर्माण कराया जा रहा है। शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से समस्या बनी हुई है। ज्ञापन में सडक़ के गड्ढों को तत्काल भरने और मरम्मत कराने, निर्माण कार्य जल्द शुरू कर पूरा कराने की मांग की गई है। साथ ही सडक़ की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग भी रखी गई है। विधायक ने घटिया काम करने वाले ठेकेदार के खिलाफ जांच कर टेंडर निरस्त करने और नए सिरे से टेंडर जारी करने की मांग की।