
बिलासपुर। थाना मस्तूरी की चौकी मल्हार मना डेरा रोड पर पडऩे वाली लीलगार नदी को पार करते समय नदी में गिरे दो युवकों की जान बचाने वाले युवकों को एसएसपी रजनेश सिंह ने सम्मानित किया है। जांजगीर-चांपा मल्हार के बीच नदी में मोटरसाइकिल सहित गिरे दो युवकों की जान बचाने में मोहन केवट व उनके साथियों ने साहस और तत्परता का परिचय देते हुए दोनों युवकों को सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया। मनाडेरा निवासी मोहन लाल केवट पिता पचूराम राम (24) अपने साथी महेश केवट पिता रामप्रसाद केवट निवासी मनाडेरा, थाना मुलमुला, जिला जांजगीर-चांपा, आदित्य केवट (करण) निवासी मल्हार ने 20 अगस्त को नदी के तेज बहाव में गुड़ा टंडन पिता मोतिया टंडन व दुर्गेश टंडन पिता मोतिया टंडन निवासी चकरबेड़ा, चौकी मल्हार डूब रहे थे। इस बीच मोहन लाल केवट व उनके साथियों ने सूझबूझ और साहस का परिचय देते हुए लकड़ी की सहायता से नदी में फंसे दोनों युवकों को बाहर निकालने में सफलता हासिल की। समय रहते किए गए इस साहसिक प्रयास से दोनों युवकों की जान बच गई और उन्हें सकुशल नदी से बाहर निकाल लिया गया। मोहन लाल केवट व उनके साथियों ने संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना, जिस साहस और मानवता का परिचय दिया, वह समाज के लिए प्रेरणादायी है। उनके इस साहसिक कार्य से अन्य लोगों को भी विपरीत परिस्थितियों में जरूरतमंदों की सहायता के लिए आगे आने की प्रेरणा मिलती है। मोहन लाल केवट व उनके साथियों की तत्परता, साहस और मानवता की क्षेत्र में सराहना की जा रही है। मोहन लाल केवट, महेश केवट व आदित्य केवट (करण) को उनके इस सराहनीय व साहसिक कार्य के लिए एसएसपी रजनेश सिंह द्वारा प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर उनके साहस, तत्परता व मानवतापूर्ण कार्य की सराहना की गई। उन्होंने कहा कि संकट की स्थिति में बिना किसी स्वार्थ के दूसरों की जान बचाने के लिए आगे आना समाज में मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करता है।