15 लाख के कर्ज से उबरकर किसान ने खड़ा किया खेती का कारोबार


रायपुर। मौसम की मार से चने की पूरी फसल बर्बाद हुई तो धमतरी के किसान अरुण सार्वा पर 15 लाख रुपए का कर्ज चढ़ गया। इस नुकसान ने उन्हें खेती का तरीका बदलने की सीख दी। उन्होंने पारंपरिक खेती के बजाय सब्जियों के उत्पादन और आधुनिक तकनीक पर ध्यान केंद्रित किया। मेहनत और बेहतर प्रबंधन के दम पर आज वे करीब 400 एकड़ में खेती कर रहे हैं। उनके कृषि व्यवसाय से 600 से अधिक ग्रामीणों को रोजगार भी मिला है। अरुण ने वर्ष 2006 में बड़े पैमाने पर चने की खेती शुरू की थी, लेकिन फसल तैयार होने के समय हुई भारी बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसके बाद मिर्च की खेती में भी उन्हें शुरुआती नुकसान उठाना पड़ा। लगातार दो झटकों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और खेती के नए तरीकों को अपनाने का निर्णय लिया। अरुण ने टमाटर, करेला, खीरा और शिमला मिर्च जैसी नकदी फसलों की वैज्ञानिक तरीके से खेती शुरू की। फसल चक्र में बदलाव और बेहतर प्रबंधन से उत्पादन और आमदनी में सुधार हुआ। इसके बाद उन्होंने खेती का विस्तार करते हुए धमतरी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 400 एकड़ भूमि पर सब्जियों का उत्पादन शुरू कर दिया। उनके खेतों से निकलने वाली सब्जियां छत्तीसगढ़ के अलावा उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और आंध्र प्रदेश के बाजारों तक पहुंच रही हैं। दूसरे राज्यों में भी उनके उत्पादों की मांग है। अरुण आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी ध्यान देते हैं। वे जैविक खाद और वर्मीकम्पोस्ट को प्राथमिकता देते हुए रासायनिक दवाओं का सीमित उपयोग करते हैं। उन्होंने ट्रैक्टर से जुड़ी स्प्रे मशीन भी तैयार की है, जिससे खेतों में चलते समय फसलों पर दवाओं और पोषक तत्वों का छिड़काव किया जा सकता है। इससे समय और श्रम दोनों की बचत होती है। अरुण के कृषि व्यवसाय में 600 से अधिक ग्रामीणों को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। खेती के विभिन्न क्षेत्रों के संचालन के लिए करीब 100 लोगों की टीम काम करती है। उनकी सफलता को देखकर दूसरे जिलों और राज्यों के किसान भी आधुनिक खेती की तकनीक सीखने धमतरी पहुंच रहे हैं।
कृषि क्षेत्र में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए अरुण नवंबर में दीपावली के बाद विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित करने की तैयारी कर रहे हैं। इसमें किसानों को उन्नत कृषि पद्धतियों और बेहतर प्रबंधन की जानकारी दी जाएगी।

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