
बिलासपुर। छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान (सिम्स) बिलासपुर में 24 अक्टूबर को मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सिम्स के डीन डॉ. रामणेश मूर्ति थे। इस अवसर पर पैथोलॉजी, माइक्रोबायोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री विभाग के विभागाध्यक्ष, चिकित्सक, मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट (एमएलटी) स्टाफ उपस्थित रहे। लैब टेक्नोलॉजिस्ट की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई और सभी एमएलटी कर्मचारियों को सम्मानित किया गया। आबिदा बेगम ने मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह दिवस महान वैज्ञानिक एंटोनी वॉन ल्यूवेनहॉक के जन्मदिवस के अवसर पर मनाया जाता है, जिन्हें सूक्ष्मजीव विज्ञान के विकास में महत्वपूर्ण योगदान के लिए जाना जाता है। सूक्ष्मदर्शी के माध्यम से सूक्ष्म जीवों के अध्ययन ने आधुनिक प्रयोगशाला चिकित्सा के विकास में अहम भूमिका निभाई। सिम्स के डीन डॉ. रमणेश मूर्ति ने कहा कि मेडिकल लैब टेक्नोलॉजिस्ट चिकित्सा दल का अभिन्न हिस्सा हैं। इनके बिना चिकित्सकों के लिए मरीजों की बीमारी का सही निदान करना और प्रभावी उपचार सुनिश्चित करना कठिन है। प्रयोगशाला में की जाने वाली जांच मरीज के उपचार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने कहा कि सिम्स का लक्ष्य है कि यहां आने वाला प्रत्येक मरीज बेहतर उपचार प्राप्त कर स्वस्थ हो और चेहरे पर मुस्कान लेकर घर लौटे। उन्होंने प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं और संसाधनों से जुड़ी कमियों को दूर करने की दिशा में प्रयास करने का आश्वासन भी दिया।