
बिलासपुर। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने राइस मिलर्स को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि धान एवं चावल की रीसाइक्लिंग किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। धान उपार्जन, मिलिंग और चावल जमा करने की पूरी प्रक्रिया में नियमों का पालन एवं पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। उन्होंने आगामी धान खरीदी के लिए आवश्यक बारदाना शीघ्र जमा करने तथा भारतीय खाद्य निगम में 15 दिनों से अधिक समय से लंबित स्टेक के मामलों की जांच करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने बैठक में उपार्जन एवं मिलिंग व्यवस्था में अनियमितताओं को रोकने के लिए संबंधित अधिकारी सतर्कता बरतें। मिलर्स निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं के अनुरूप कार्य करें। आगामी धान खरीदी की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने आवश्यक बारदाने की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जिले में 15 नवंबर से धान खरीदी प्रारंभ होना प्रस्तावित है। इसे ध्यान में रखते हुए उन्होंने मिलर्स को बारदाना जल्द जमा करने और संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय से सभी तैयारियां समय पर पूरी करने के निर्देश दिए। बैठक में खाद्य नियंत्रक अमृत कुजूर, जिला प्रबंधक नागरिक आपूर्ति निगम नितिन दीवान, भारतीय खाद्य निगम के प्रबंधक अनूप कुमार, जिला विपणन अधिकारी उपेंद्र खांडे सहित संबंधित विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और जिले के राइस मिलर्स उपस्थित थे। भारतीय खाद्य निगम में चावल जमा की स्थिति की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने 15 दिनों से अधिक समय से लंबित स्टेक वाले मिलर्स के मामलों की जांच का जिम्मा खाद्य नियंत्रक को सौंपा। उन्होंने लंबित मामलों में आवश्यक कार्रवाई करते हुए चावल जमा की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। बैठक में नागरिक आपूर्ति निगम में चावल जमा की प्रगति तथा अन्य जिलों में निगम के अंतर्गत चावल जमा करने की स्थिति पर भी चर्चा हुई। चावल में 10 प्रतिशत ब्रोकन की निर्धारित सीमा से संबंधित विषयों और मिलर्स की समस्याओं की जानकारी ली गई।