50 प्रतिभागियों को मिला प्रमाणपत्र


बिलासपुर। बाढ़ और जल दुर्घटनाओं के दौरान लोगों की जान बचाने के लिए जिले में स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित बचाव दल तैयार किया जा रहा है। इसी कड़ी में एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र परसदा में आयोजित पांच दिवसीय प्रशिक्षण का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में 50 प्रशिक्षित जल मित्रों को प्रमाणपत्र वितरित किए गए। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि आपदा के समय त्वरित निर्णय, सही तकनीक और आपसी समन्वय से कई लोगों की जान बचाई जा सकती है। प्रशिक्षार्थियों को अपने कौशल का नियमित अभ्यास करना चाहिए, ताकि जरूरत पडऩे पर सुरक्षित तरीके से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। स्थानीय स्तर पर प्रशिक्षित लोगों की उपलब्धता से आपात स्थितियों में तत्काल सहायता पहुंचाना आसान होगा। कलेक्टर ने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के अनुभव और सुझाव भी साझा करने को कहा। उन्होंने जल मित्रों के बीच बेहतर समन्वय के लिए व्हाट्सएप समूह बनाने और समय-समय पर रिफ्रेशर कोर्स आयोजित करने का सुझाव दिया। इससे आपदा के दौरान सूचनाओं का तेजी से आदान-प्रदान हो सकेगा। जिला प्रशासन की ओर से 26 से 30 अक्टूबर तक आयोजित प्रशिक्षण में कोटवारों, मछुआरों, गोताखोरों और कुशल तैराकों सहित 50 लोगों ने हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के जरिए उन्हें बाढ़, नदी, बांध और तालाबों में डूबने की घटनाओं के दौरान बचाव के तरीके सिखाए गए। कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ संदीप अग्रवाल और एसडीआरएफ प्रशिक्षण केंद्र के संचालक लक्ष्मी प्रसाद वर्मा भी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *