
बिलासपुर। लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास और जनता के जनादेश का सम्मान जरूरी है। विपक्ष को अपनी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए, न कि संस्थाओं पर सवाल उठाकर भ्रम फैलाना चाहिए। यह बात पूर्व मंत्री एवं विधायक अमर अग्रवाल ने शुक्रवार को पं. देवकीनंदन दीक्षित सभागृह में आयोजित नागरिक संगोष्ठी में कही। भारतीय जनता पार्टी बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ विषय पर आयोजित कार्यक्रम में अग्रवाल ने कहा कि लोकतंत्र में नीतियों की आलोचना के लिए संसद, विधानसभा और न्यायालय जैसे मंच उपलब्ध हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ ताकतें संवैधानिक संस्थाओं और मीडिया के प्रति अविश्वास का माहौल बनाने में जुटी हैं। उन्होंने प्रबुद्धजनों से ऐसे प्रयासों के प्रति सतर्क रहने की अपील की। अग्रवाल ने आपातकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि लोकतंत्र में जनता की भूमिका सर्वोपरि है। जनता ही चुनाव के माध्यम से सरकार चुनती है। उन्होंने कहा कि भारत ने पिछले वर्षों में विकास और आत्मनिर्भरता की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-2047 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर का जिक्र करते हुए देश की सैन्य क्षमता और सुरक्षा व्यवस्था को भी रेखांकित किया। कार्यक्रम का संचालन जिला उपाध्यक्ष अजीत सिंह भोगल ने किया, जबकि आभार मध्य मंडल अध्यक्ष देवेंद्र पाठक ने जताया। इस अवसर पर महापौर पूजा विधानी, सभापति विनोद सोनी सहित भाजपा पदाधिकारी और शहर के प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि भारत का इतिहास गौरवशाली रहा है और देश की प्रगति में नागरिकों की प्रतिभा तथा पुरुषार्थ की महत्वपूर्ण भूमिका है। विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। कार्यक्रम की शुरुआत भाजपा जिलाध्यक्ष दीपक सिंह ठाकुर के संबोधन से हुई। उन्होंने भी लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने की बात कही।