
बिलासपुर। सोशल मीडिया आधारित कथित भ्रामक पत्रकारिता व विज्ञापन के नाम पर अवैध वसूली की शिकायतों के संबंध में राज्य स्तर पर पारदर्शी व्यवस्था, आवश्यक कार्रवाई के लिए बिलासपुर प्रेस क्लब ने राज्य शासन के प्रमुख सचिव, आईजी, कलेक्टर बिलासपुर और एसएसपी को ज्ञापन सौपा हैं। बिलासपुर प्रेस क्लब ने कहा कि बिलासपुर जिले में इंस्टाग्राम, फेसबुक और यूट्यूब सहित अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से स्वयं को पत्रकार के रूप में प्रस्तुत करने वाले कुछ व्यक्तियों द्वारा कथित तौर पर अपुष्ट ,भ्रामक वीडियो प्रसारित किए जाने व विज्ञापन, समाचार प्रकाशन के नाम पर अनुचित दबाव व अवैध वसूली की शिकायतें प्राप्त हो रही हैं, जिनकी जांच आवश्यक है। डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से समाचार प्रसारित करने वाले व्यक्तियों के संबंध में प्राप्त शिकायतों की जांच हेतु संबंधित विभागों के बीच समन्वय स्थापित किया जाए। विज्ञापन जारी करने की सरकारी प्रक्रिया, स्वीकृति, भुगतान बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जाएं और शिकायत निवारण को पारदर्शी बनाया जाए। विज्ञापन के नाम पर कथित अवैध वसूली के मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर संबंधित सक्षम एजेंसियों से जांच कराई जाए। भ्रामक या अपुष्ट सामग्री के मामलों में लागू कानूनों के अंतर्गत निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। वास्तविक डिजिटल पत्रकारों, स्वतंत्र पत्रकारों, समाचार संस्थानों और आम नागरिकों के वैध अभिव्यक्ति के अधिकारों की रक्षा करते हुए गैरकानूनी गतिविधियों पर कार्रवाई की जाए। इस विषय पर राज्य स्तर पर उपयक्तु शिकायत निवारण व्यवस्था विकसित करने पर विचार किया जाए। अतिरिक्त सुझाव व आवश्यक पहल किया जाए। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के नाम पर पोर्टल चलाने की बढ़ती हुई स्थिति है। इस पर नियंत्रण कसने के लिए केंद्र और राज्य सरकार को ठोस पहल करनी चाहिए। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर पोर्टल और पत्रकारिता के नाम पर कार्य करने वालों के लिए न्यूनतम 5 वर्ष का कार्यानुभव अनिवार्य किया जाए चाहे वे प्रिंट , इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, या किसी मान्यता प्राप्त संस्था में कार्य कर चके हों। प्रेस क्लब बिलासपुर के अध्यक्ष अजीत मिश्रा, सह सचिव हरि किशन गंगवानी, कार्यकारिणी सदस्य कैलाश यादव, वरिष्ठ पत्रकार निर्मल माणिक ने कहा कि यदि कोई संस्था फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र देकर अपनी जान-पहचान या निजी लाभ के लिए किसी को लाभ दिलाती है, तो उसकी गहन जांच कर संबंधितों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।