
बिलासपुर। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में धान खरीदी की प्रक्रिया को सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए प्रशासन ने सहकारी समितियों की तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बुधवार को देवकीनंदन सभागृह में बिलासपुर और मुंगेली जिले की 200 सेवा सहकारी समितियों के प्रबंधकों, प्रभारी अधिकारियों और पदाधिकारियों के लिए प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें धान खरीदी के बेहतर संचालन, पैक्स कंप्यूटरीकरण और समितियों के प्रबंधन से जुड़े पहलुओं की जानकारी दी गई। कार्यशाला का शुभारंभ संभागायुक्त सुनील जैन और कलेक्टर संजय अग्रवाल ने किया। संभागायुक्त ने कहा कि सहकारिता और लोकतंत्र एक-दूसरे के पूरक हैं। समितियों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (पैक्स) का कंप्यूटरीकरण महत्वपूर्ण है। उन्होंने आगामी धान खरीदी को देखते हुए कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्पष्ट करने और पूरी प्रक्रिया में सावधानी बरतने पर जोर दिया। सुबह 10 बजे से शाम 5.30 बजे तक चली कार्यशाला में विभागीय अधिकारियों और तीन मास्टर ट्रेनरों ने प्रशिक्षण दिया। इसमें सहकारिता विभाग, खाद्य विभाग और प्रशासन के अधिकारी भी शामिल हुए। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने उपार्जन केंद्रों की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धान खरीदी व्यवस्था में किसी तरह की अव्यवस्था न हो, इसके लिए समितियों और संबंधित अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। उन्होंने सहकारी खेती, जैव उर्वरक, बायोगैस और वित्तीय प्रबंधन जैसे विषयों को भी समितियों के विकास के लिए उपयोगी बताया।